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ज़िंदगी

जिधर नजर डालो एक चक्का घूम रहा

हर कोई बस जिन्दगी में भाग ही रहा।

अरे थमो, दो पल को ठहरो तो जरा,

भागते हुए जो सांसे बह रही है,

ज़िंदगी की वो एक सांस को अंदर लो तो जरा।

इतना खूबसूरत सा सफ़र है ये,

मगर बस यूं ही गुजर रहा है ये,

गुजरते हुए एक कदम को देख तो लो,

जरा आंखे इधर उधर घुमा तो लो,

बारिश है तो बूंदों से खेल लो,

धूप हो तो छाव को ढूंढ़ लो,

हवा को महसूस कर लो जरा,

जीवन के इन रंगों को भर लो जरा।

नगमा ये सुंदर सुन लो जरा,

एक सांस जिंदगी की अंदर ले लो जरा।

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